दिल की हसरत पूरी करने गया था इटली, उसके साथ हो गया ऐसा खेल, बर्बाद हुई जिंदगी
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इटली घूमने का सपना लेकर गया युवक फर्जी पासपोर्ट के जाल में फंस गया. दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर जांच के दौरान पूरा मामला खुलासा हुआ है. अब उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी है, जिसने उसकी जिंदगी को मुश्किल मोड़ पर ला खड़ा किया है.
इटली से इमरजेंसी सर्टिफिकेट पर आए एक युवक को आईजीआई एयरपोर्ट से अरेस्ट किया गया है. (फाइल फोटो)
Airport News: दिल में विदेश घूमने की तमन्ना और आंखों में यूरोप के खूबसूरत शहरों के सपने लेकर इटली गए एक युवक की जिंदगी ने अचानक ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया, जहां से लौटना आसान नहीं है. दरअसल, यह मामला दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है. रात के करीब 2:30 बजे इटली से आई फ्लाइट AZ-770 से वह भी आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचा था. पैसेंजर्स की भीड़ के बीच वह एक चेहरा ऐसा था, जो सामान्य दिखते हुए भी अपने भीतर एक बड़ा राज छुपाए हुए था.
एयरपोर्ट सिक्योरिटी से जुड़े सीनियर ऑफिसर के अनुसार, इस युवक का नाम आर्यन है और वह मूल रूप से जम्मू का रहने वाला था. इटली से भारत लौटे आर्यन के पास जो दस्तावेज थे, जिनको देखने के बाद इमिग्रेशन अधिकारियों के माथे पर सिकन आ गई थी. वह एक इमरजेंसी सर्टिफिकेट के सहारे भारत पहुंचा था, जो आमतौर पर तब जारी होता है जब कोई भारतीय विदेश में अपना पासपोर्ट खो देता है या किसी कानूनी पचड़े में फंस जाता है.
उन्होने बताया कि जैसे ही अधिकारियों ने उसकी डिटेल्स सिस्टम में चेक कीं, कहानी में पहला ट्विस्ट आ गया.
रिकॉर्ड में उसका ‘डिपार्चर’ यानी भारत से बाहर जाने का कोई आधिकारिक डेटा ही मौजूद नहीं था.
यहीं से शक गहरा गया. पूछताछ शुरू हुई. पहले तो आर्यन ने सामान्य जवाब देने की कोशिश की, लेकिन सवालों की परतें जैसे-जैसे खुलती गईं, सच्चाई सामने आने लगी.
उसने बताया कि वह 27 अक्टूबर 2025 को जयपुर से फ्लाइट EY-327 के जरिए विदेश गया था.
लेकिन असली झटका तब लगा, जब जांच में सामने आया कि उसने असली पासपोर्ट से नहीं, बल्कि एक फर्जी पासपोर्ट के सहारे देश छोड़ा था.
डेट ऑफ बर्थ ने बदला पूरा खेल
जांच में पता चला कि फर्जी पासपोर्ट का न सिर्फ अलग नंबर का था, बल्कि उस पर दर्ज नाम, जन्मतिथि और पता भी उसके असली दस्तावेजों से मेल नहीं खाते थे. असली आर्यन सिंह की जन्मतिथि 15 जनवरी 2008 है, जबकि फर्जी पासपोर्ट में 25 दिसंबर 2009 दर्ज थी. यही नहीं, इसी जाली पासपोर्ट के जरिए उसने स्वीडन द्वारा जारी शेंगेन वीजा हासिल किया और यूरोप पहुंच गया. यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन छह महीने बाद जब उसने भारत वापस आने की कोशिश की तो उसकी पोल खुल गई.
रोम से इमरजेंसी सर्टिफिकेट पर भेजा गया भारत
पोल खुलने के बाद आर्यन सिंह को इमरजेंसी सर्टिफिकेट पर रोम से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया. वहीं दिल्ली पहुंचने के बाद एक बार फिर आर्यन ने इमिग्रेशन अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की. लेकिन, इमिग्रेशन कंट्रोल सिस्टम (आईसीएस) ने उसकी चाल को कामयाब नहीं होने दिया. पूरे मामले के खुलासे के बाद आर्यन सिंह को आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस के हवाले दिया गया है. वहीं आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने उसके खिलाफ पासपोर्ट एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है.
Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें