जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि-Jawaharlal Nehru’s death anniversary

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देश में हर साल 27 मई को जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि मनाई जाती है। इस दिन हर साल जवाहरलाल नेहरु जी को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

जवाहरलाल नेहरू का प्रारंभिक जीवन

पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म साल 1889 में 14 नवंबर को हुआ था। नेहरू जी का जन्म उत्तर प्रदेश में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

जवाहरलाल नेहरू जी के पिता का नाम मोती लाल नेहरू एक प्रसिद्ध वकील थे और माता जी का नाम स्वरूप रानी था। नेहरू जी की प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही पूरी हुई।

आगे की शिक्षा पूरी करने के लिए नेहरू जी को लन्दन भेज दिया गया। लंदन की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से नेहरू जी ने कानून की पढ़ाई पूरी की। साल 1912 में जवाहरलाल नेहरू भारत वापस आ गए थे।

भारत वापस लौटने के बाद नेहरू जी ने इलाहाबाद में वकालत करनी शुरू की। इसके बाद साल 1916 में नेहरू जी का विवाह कमला नेहरू जी से हुआ था। नेहरू जी की एक बेटी थी जिनका नाम इंदिरा गांधी था।

जवाहरलाल नेहरू जी की राजनीतिक सफर

साल 1919 में नेहरू जी महात्मा गांधी जी से मिले। इस समय गांधी जी ने अधिनियम के खिलाफ एक अभियान शुरू किया हुआ था। जवाहरलाल नेहरू गांधी जी के विचारों से बहुत प्रभावित थे।

नेहरू जी को राजनीति का ज्ञान भी महात्मा गांधी जी से ही मिला। साल 1924 में जवाहरलाल नेहरू जी इलाहबाद नगर निगम के दो साल तक अध्यक्ष रहे।

इसके बाद साल 1926 से 1928 तक जवाहरलाल नेहरू जी अखिल भारतीय कांग्रेस के महासचिव रहे। साल 1929 में जवाहरलाल नेहरू लाहौर अधिवेशन में कांग्रेस के अध्यक्ष के पद पर चयनित किए गए।

साल 1936-1937 में जवाहरलाल नेहरू दोबारा कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में चुने गए। इसके कुछ समय बाद साल 1942 में गांधी जी ने भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया। इसी के साथ इस आंदोलन में नेहरू जी ने गांधी जी का बहुत सहयोग किया।

जिसके कारण नेहरू जी को गिरफतार भी कर लिया गया। इसके बाद साल 1945 में नेहरू जी को जेल से छोड़ा गया। भारत की स्वतंत्रता के समय साल 1947 में भारत के प्रधानमंत्री पद के चुनाव हुए।

जिसमें सरदार बल्ल्भ भाई पटेल और आचार्य कृपलानी को ज्यादा वोट मिले, लेकिन गांधी जी के कहने पर जवाहरलाल नेहरू जी को भारत का पहला प्रधानमंत्री बनाया गया।

इसके बाद लगातार तीन बार जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री के पद पर रहे। इसके बाद साल 1955 में नेहरू जी को देश के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु

साल 1964 में 27 मई को जवाहरलाल नेहरू जी की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। जवाहरलाल नेहरू जी का निधन पूरे भारत देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति हुई।

आज भी लोग नेहरू जी को दिल से याद करते हैं।

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