जीवन-Jeevan

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प्यारे जीवन वह ओह, प्रिय जीवन ओह,

 मन को कुछ आश्वासन दो, प्राणों को कुछ अवलंबन दो,

 प्रेम एक आंधी है, जो थपेड़े खिलाती है,

यह झझोरती है आंखें बंद करा के गड्ढे में गिरा देती है,

 पर याद रखो यथार्थ ही जीवन है, सत्य पर चलना ही जीवन है,

 सत्य कटु होता है, पर शांति भी देता है,

जो तुम्हें भूल गए हैं, उन्हें मुड़कर कभी ना देखें,

आने वाले अंतिम जीवन में, उस ईश्वर को स्मरण करो,

 वही प्रेम है वही शांति है यही जीवन है,

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लेखक- श्रिंय़ॉगी मिश्रा

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