हुआ सवेरा-Hua Sawera

0
239

हुए सवेरा जागी चिड़िया, भगा अंधेरा जागी चिड़िया

सूरज ने भी ली अंगड़ाई, धूप भारी चादर फैलाई।

हरी घास पर बिखेर मोती, धरती भी है सोना बोती

मुर्गी जी कुकडू – कूं बोले, पंख कबूतर ने झट खोल

कुहू – कुहू जब कोयल बोली, वन उपवन में मिश्री घोली

फूलों ने जब देखा हंसकर, महक उठा खुशबू से अम्बर।

https://www.pmwebsolution.in/

https://www.hindiblogs.co.in/contact-us/

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here